Parshuram Jayanti पर भगवान परशुराम की कुछ रोचक जानकारी

परशुराम जयंती हिंदू तिथि के अनुसार हर वर्ष वैशाख महीने की शुक्ल पक्ष तृतीया को मनाई जाती है।

भगवान परशुराम को भगवान विष्णु का छठवां अवतार माना जाता है।

परशुराम जयंती के दिन भगवान परशुराम की विधिवत तरीके से पूजा की जाती है तथा उनकी जगह-जगह शोभायात्रा भी निकाली जाती है।

भगवान परशुराम उन 7 चिरंजीवी देवताओं में से एक है, जो अनंत काल तक इस पृथ्वी पर मौजूद रहेंगे।

भगवान परशुराम का जन्म श्री राम के जन्म से पहले हुआ था उनको न्याय प्रिय अथवा न्याय का देवता भी कहा जाता है।

भगवान परशुराम के क्रोध से कोई भी बच नहीं पाया है यहां तक कि उन्होंने गणेश जी को भी दंडित दिया था।

भगवान परशुराम रामायण काल के साथ-साथ महाभारत काल में भी मौजूद थे।

श्री राम ने सीता माता के स्वयंवर के दौरान भगवान परशुराम को सुदर्शन चक्र दिया था। उसी सुदर्शन चक्र को परशुराम ने द्वापर युग में श्री कृष्ण को वापस लौटाया था।

भगवान शिव ने ही परशुराम को लोक कल्याण के लिए परशु अस्त्र प्रदान किया था। इसी अस्त्र की वजह से वह परशुराम कहलाए।